कौन हैं आदित्य सेनगुप्ता? फ्लाइट में डरे तो बना डाला Turbulence का AI सिस्टम, जीती 83 लाख की स्कॉलरशिप

Published on 18 सित॰ 2026

Who is Aditya Sengupta ForeCAT: फ्लाइट में आए अचानक झटकों ने 18 साल के आदित्य सेनगुप्ता को ऐसा AI सिस्टम बनाने के लिए प्रेरित किया, जिसने उन्हें 83 लाख की स्कॉलरशिप दिलाई। जानें आदित्य सेनगुप्ता कौन हैं और उनकी पूरी कहानी।

Aditya Sengupta AI Turbulence Forecast System: हवाई जहाज में अचानक जोरदार झटका लगे तो कुछ पल के लिए पूरा केबिन सहम जाता है। 18 साल के भारतीय मूल के छात्र आदित्य सेनगुप्ता के साथ भी फ्लाइट के दौरान ऐसा ही अनुभव हुआ। लेकिन उन्होंने इस डर को नजरअंदाज करने के बजाय एक सवाल में बदला, आखिर आसमान में आने वाले ऐसे खतरनाक झटकों का पहले से पता क्यों नहीं लगाया जा सकता? इसी सवाल से शुरू हुई उनकी रिसर्च अब उन्हें 1 लाख डॉलर यानी करीब 83 लाख रुपये की स्कॉलरशिप तक ले गई है। अमेरिका के डेविडसन इंस्टीट्यूट ने उन्हें 2026 डेविडसन फेलो लॉरेट के तौर पर सम्मानित किया है।

कौन हैं आदित्य सेनगुप्ता?

आदित्य अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य के Bellevue में रहने वाले 18 साल के छात्र हैं। हाई स्कूल के दौरान उन्होंने खुद से एटमॉस्फेरिक साइंस, फिजिक्स और मशीन लर्निंग की पढ़ाई की और इन अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़कर अपना रिसर्च प्रोजेक्ट तैयार किया। उनका बनाया ForeCAT सिस्टम खास तौर पर खतरनाक Clear-Air Turbulence (क्लियर एयर टर्बुलेंस) यानी CAT का अनुमान लगाने के लिए डिजाइन किया गया है।

बादल नहीं, फिर भी अचानक आ सकता है Turbulence

आम तौर पर खराब मौसम या बादलों को देखकर पायलट संभावित टर्बुलेंस के बारे में सतर्क हो सकते हैं। लेकिन क्लियर एयर टर्बुलेंस में आसमान साफ होने के बावजूद हवा में अचानक तेज हलचल हो सकती है। यही वजह है कि इसे पहले से पहचानना मुश्किल होता है। आदित्य का ForeCAT सिस्टम ऐसे वातावरण में मौजूद पैटर्न को AI की मदद से पहचानने की कोशिश करता है।

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फिजिक्स और AI का अनोखा मेल

ForeCAT में सिर्फ मशीन लर्निंग डेटा का इस्तेमाल नहीं किया गया है। आदित्य ने एटमॉस्फेरिक फिजिक्स के नियमों को न्यूरल नेटवर्क के साथ जोड़ा। उनके रिसर्च टेस्ट में मॉडल ने 95 फीसदी क्लासिफिकेशन एक्यूरेसी दर्ज की। मई 2024 में सिंगापुर एयरलाइंस की गंभीर टर्बुलेंस घटना को लेकर किए गए बैक-टेस्ट में भी मॉडल ने घटना की पहचान की थी। हालांकि ये उनके रिसर्च मॉडल के टेस्टिंग रिजल्ट हैं, इन्हें अभी कमर्शियल एविएशन में इस्तेमाल होने वाली प्रमाणित तकनीक नहीं माना जा सकता।

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डरावने सफर से 83 लाख की स्कॉलरशिप तक

आदित्य ने किसी बड़ी लैब में बैठकर यह प्रोजेक्ट तैयार नहीं किया। उन्होंने खुद पढ़ाई की, शुरुआती कई मॉडल फेल हुए और लगातार प्रयोगों के बाद ForeCAT विकसित किया। उनकी यह रिसर्च उन्हें Davidson Fellows Scholarship (डेविडसन फेलो स्कॉलरशिप) तक ले गई, जिसमें टॉप चयनित छात्रों को 1 लाख, 50 हजार या 25 हजार डॉलर की स्कॉलरशिप दी जाती है।

आदित्य की उपलब्धियां यहीं खत्म नहीं होतीं। वे VEX Robotics World Championship (वेक्स रोबोटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप) में भी शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं और Regeneron Science Talent Search (रीजेनरॉन साइंस टैलेंट सर्च) से भी जुड़े रहे हैं। अब उनका फोकस कंप्यूटर साइंस और नैचुरल साइंस की आगे की पढ़ाई पर है, जहां वे फिजिक्स और AI को मिलाकर नए समाधान विकसित करना चाहते हैं।