उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने UPTET 2026 परीक्षा परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों द्वारा जताई जा रही आपत्तियों और प्रत्यावेदनों के समाधान के लिए बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने 5 सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया है, जो अभ्यर्थियों की शिकायतों का
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UPTET 2026 में रिजेक्टेड कैंडिडेट्स के लिए 5 सदस्यीय कमेटी गठित
आयोग द्वारा 26 अगस्त 2026 को घोषित UPTET परीक्षा परिणाम के बाद कई अभ्यर्थियों ने आयोग कार्यालय में अपनी आपत्तियां दर्ज कराई है। इसमें कुछ अभ्यर्थियों ने शिकायती पत्र में तर्क दिया है कि नियमानुसार शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET)-2026 में 81.50 से 81.99 एवं 89.50 से 89.99 अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को पूर्णांक का लाभ देने का प्रावधान है। पर चयन आयोग ने यूपी टेट का रिजल्ट घोषित करते समय इसका पालन नहीं किया।
आयोग की शर्त के मुताबिक यूपी टेट पास करने के लिए सामान्य अभ्यर्थियों को 90 अंक और अन्य आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 82 अंक लाने अनिवार्य थे। पूर्णांक का लाभ मिलने पर ऐसे रिजेक्ट किए जा चुके अभ्यर्थियों के पास चयनित होने का मौका होगा।
वहीं 60 हजार के लगभग ऐसे अभ्यर्थी हैं जिसने यूपी–टेट की ओएमआर सीट में अनुक्रमांक, सेंटर कोड, विषय कोड व बुकलेट नम्बर को भूलवश गलत दर्ज कर दिया था। ऐसे सभी लोग 'रिजेक्ट' घोषित कर दिए गए हैं। आयोग की ओर से जारी उत्तर कुंजी से मिलान करने पर ये सभी रिजेक्टेड अभ्यर्थी पास हो रहे हैं। ऐसे में इस त्रुटि को दूर कर इनको भी सुपर टेट की परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाए।
भाजपा नेताओं ने भी इसे लेकर आयोग को लिखा पत्र
भाजपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा और एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने पूर्णांक और ओएमआर सीट में भूलवश गलत दर्ज किए गए अनुक्रमांक आदि प्रकरण पर आयोग को पत्र लिखा है। अभ्यर्थियों के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए मानवीय त्रुटियों को दूर करने की अपील की है। इन शिकायतों और आपत्तियों के क्रम में आयोग ने 1 सितंबर को नोटिस जारी कर 5 सदस्यीय समिति गठित की है। इस समिति अभ्यर्थियों के आवेदनों पर निर्णय लेगी। यदि कोई अभ्यर्थी आयोग से पत्राचार करना चाहता है, तो वह अपना प्रत्यावेदन आयोग की आधिकारिक ई-मेल ID [email protected] पर भी भेज सकता है।
सुपर टेट का नया सिलेबस जारी, 120 सवाल होंगे, निगेटिव मार्किंग भी
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्राथमिक विद्यालय सहायक अध्यापक (कक्षा 1 से 5) की भर्ती परीक्षा 2026 का ढांचा घोषित कर दिया है। इस बार परीक्षा पैटर्न में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं।
- 120 मिनट में 120 प्रश्न: परीक्षा की कुल अवधि 2 घंटे (120 मिनट) होगी, जिसमें बहुविकल्पीय प्रकार के 120 प्रश्न पूछे जाएंगे।
- नेगेटिव मार्किंग की व्यवस्था: प्रत्येक सही उत्तर के लिए 3 अंक मिलेंगे। लेकिन, गलत उत्तर देने पर 1 अंक कट जाएगा।
- द्विभाषी प्रश्न-पत्र: परीक्षा का प्रश्न-पत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा।
12वीं से लेकर D.El.Ed. पाठ्यक्रम शामिल
परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का स्तर दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहला कक्षा 12वीं तक। इसमें भाषा (हिन्दी, संस्कृत, अंग्रेजी), गणित, विज्ञान, पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे। वहीं दूसरा D.El.Ed. पाठ्यक्रम से जुड़े शिक्षण कौशल, बाल मनोविज्ञान, सूचना तकनीकी, जीवन कौशल प्रबंधन एवं अभिवृत्ति से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे।
सुपर TET में विषयवार इस तरह पूछे जाएंगे 120 प्रश्न–
- सामान्य ज्ञान–समसामयिक घटनाए 25 अंक : समसामयिक महत्वपूर्ण घटनाएं- अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय, प्रदेश से सम्बन्धित महत्वपूर्ण घटनाएं, स्थान, व्यक्तित्व, रचनाएं, अन्तर्राष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय पुरस्कार, खेल-कूद, भारतीय संस्कृति एवं कला आदि।
- तार्किक ज्ञान 05 : एनालॉजी, दावा और कारण, बाइनरी लॉजिक, क्लासिफिकेशन, घड़ियां और कैलेंडर, कोडेड इनइक्वलिटी कोडिंग और डिकोडिंग, क्रिटिकल रीज़निंग, क्यूब्स नंबर सीरीज़, पज़ल्स, सिंबल और नोटेशन, वेन डायग्राम और डाइस, डेटा इंटरप्रिटेशन, डायरेक्शन सेंस टेस्ट, ग्रुपिंग और सिलेक्शन, इंफरेंस, लेटर सीरीज़।
- हिन्दी, संस्कृत तथा अंग्रेजी 30 अंक : व्याकरण एवं अपठित गद्यांश, पद्यांश आदि।
- विज्ञान 8 अंक : दैनिक जीवन में विज्ञान, गति, बल, ऊर्जा, दूरी, प्रकाश, ध्वनि, जीवों की दुनिया, मानव शरीर स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण, पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधन, पदार्थ एवं पदार्थ की अवस्थाएं।
- गणित 16 : अंकीय क्षमता, गणितीय संक्रियाएं, दशमलव, स्थानीयमान, भिन्न, व्याज, लाभ-हानि, प्रतिशत विभाज्य, गुणनखण्ड, ऐकिक नियम, सामान्य बीजगणित, क्षेत्रफल, औसत, आयतन, अनुपात, सर्वसमिकाएं, सामान्य ज्यामिति, सामान्य आकृतियों।
- पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन 8 अंक : पृथ्वी की संरचना, नदियां, पर्वत, महाद्वीप, महासागर व जीव, प्राकृतिक सम्पदा, अक्षांश और देशान्तर, सौरमण्डल, भारतीय भूगोल, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, भारतीय समाज सुधारक, भारतीय संविधान, हमारी शासन व्यवस्था, यातायात एवं सड़क सुरक्षा, भारतीय अर्थव्यवस्था एवं चुनौतियां, हमारी सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक आपदा प्रबन्धन ।
- शिक्षण कौशल 8 अंक : शिक्षण की विधियां एवं कौशल, शिक्षण अधिगम के सिद्धान्त, वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारम्भिक शिक्षा, समावेशी शिक्षा, प्रारम्भिक शिक्षा के नवीन प्रयास, शैक्षिक मूल्यांकन एवं मापन, आरम्भिक पठन कौशल, शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन ।
- बाल मनोविज्ञान 8 अंक : वैयक्तिक भिन्नता, बाल विकास को प्रभावित करने वाले कारक, सीखने की आवश्यकता की पहचान, पढ़ने के लिए वातावरण का सृजन करना, सीखने के सिद्धान्त तथा कक्षा शिक्षण में इनकी व्यवहारिक उपयोगिता एवं प्रयोग, दिव्यांग छात्रों हेतु विशेष व्यवस्था।
- सूचना तकनीकी 4 अंक : शिक्षण कौशल विकास, कक्षा-शिक्षण तथा विद्यालय प्रबन्धन के क्षेत्र में सूचना तकनीकी कम्प्यूटर, इन्टरनेट, स्मार्टफोन, ओ०ई०आर० (ओपन एजुकेशनल रिसोर्स), शिक्षण में उपयोगी ऐप्स, डिजिटल, शिक्षण सामग्री के उपयोग की जानकारी।
- जीवन कौशल/प्रबंधन एवं अभिवृत्ति 8 अंक : व्यवसायिक आचरण एवं नीति, प्रेरणा, शिक्षण की भूमिका (सुविधा प्रदाता, अनुश्रवणकर्ता, नेतृत्वकर्ता, मार्गदर्शक, परामर्शदाता), संवैधानिक और मानवीय मूल्य, दण्ड एवं पुरस्कार व्यवस्था का प्रभावी प्रयोग।