Updated On: Aug 02, 2026 | 02:24 PM IST
विज्ञापन
सार
US Naval Strength: इजराइल की तरफ ईरानी मिसाइल रोकने के लिए अमेरिका के पास पर्याप्त नेवल ताकत नहीं है। अमेरिकी मिसाइल स्टॉक में भारी गिरावट आई है, जिससे पेंटागन की चिंता काफी बढ़ी है।

अमेरिकी मिलिट्री कमांडर (सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
US Naval Strength US General Warns Insufficient Naval Power To Defend Israel: इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान अमेरिका के लिए एक बहुत ही बुरी खबर सामने आई है। यूरोपियन कमांड चीफ जनरल ग्रिंकेविच ने पेंटागन को एक बेहद गंभीर और बड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि इजराइल की तरफ आ रही ईरानी मिसाइलों को रोकने के लिए अमेरिका के पास अब पर्याप्त नौसैनिक ताकत नहीं बची है। हफ्तों की भयंकर जंग के बाद अमेरिकी मिसाइल स्टॉक में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो एक बड़ा चिंता का विषय है।
अमेरिकी मिलिट्री कमांडर के अनुसार लगातार चल रहे इस युद्ध ने वाशिंगटन के सामने एक बहुत बड़ी और नई रणनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है। द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट बताती है कि ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से इजराइल की सुरक्षा के लिए अमेरिका ने काफी मिसाइलें दागी हैं। खुद इजराइल के मुकाबले अमेरिका ने कहीं ज्यादा और बहुत ही एडवांस इंटरसेप्टर मिसाइलों का अब तक भारी इस्तेमाल किया है। इसके कारण अब अमेरिका को अपने खुद के हथियारों के स्टॉक को लेकर काफी ज्यादा परेशानी और भारी चिंता का सामना करना पड़ रहा है।
हथियारों के स्टॉक में भारी कमी
अमेरिका के लिए अब सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि उसे अपने क्षेत्रीय सहयोगियों का पूरा समर्थन और बचाव भी करना है। दूसरी तरफ भविष्य की संभावित और बड़ी जरूरतों के लिए पर्याप्त मिसाइल स्टॉक बचाकर रखना भी उसके लिए बेहद जरूरी है। हफ्तों तक इजराइल की रक्षा करने के चक्कर में अमेरिकी नौसेना ने अपने बेहतरीन हथियारों का बहुत ज्यादा इस्तेमाल कर लिया है।
सम्बंधित ख़बरें
इंटरसेप्टर मिसाइलों का भारी इस्तेमाल
ईरान द्वारा दागी जा रही लगातार और घातक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने के लिए अमेरिका पूरी तरह अलर्ट पर है। इजराइल से ज्यादा अमेरिका ने अपनी अत्याधुनिक इंटरसेप्टर मिसाइलों को दुश्मन के हमलों को नाकाम करने के लिए दागा है। वाशिंगटन के सामने अब यह हथियारों की कमी एक बहुत बड़ी और जटिल स्ट्रैटेजिक चुनौती बनकर सामने आ गई है।
पेंटागन की बहुत ज्यादा बढ़ी चिंता
पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारियों को अब यह डर सता रहा है कि अगर युद्ध लंबा खिंचा तो हालात पूरी तरह बेकाबू हो जाएंगे। नौसैनिक ताकत और मिसाइल स्टॉक में यह भारी कमी अमेरिका की वैश्विक सैन्य रणनीति पर बहुत बुरा असर डाल सकती है। जनरल ग्रिंकेविच की इस ताजा और सख्त चेतावनी के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्रालय को अपनी रणनीति पर फिर से सोचना होगा।
यह भी पढ़ें: एक तरफ समझौते की बात, दूसरी तरफ 10 देशों में अलर्ट; US-ईरान जंग में आखिर क्या चल रहा है?
भविष्य की बड़ी रणनीतिक चुनौती
अमेरिका को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह मध्य पूर्व के साथ-साथ दुनिया के अन्य हिस्सों में भी अपनी पूरी ताकत बनाए रखे। अगर भविष्य में किसी और मोर्चे पर युद्ध भड़कता है, तो अमेरिका को भारी मिसाइल स्टॉक की सबसे ज्यादा सख्त जरूरत पड़ेगी। यही वजह है कि अब इजराइल की सुरक्षा के साथ-साथ हथियारों की बचत करना अमेरिका के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है।
