उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और उससे उत्पन्न भूस्खलन की घटनाओं से जूझ रहे स्थानीय निवासियों और चारधाम यात्रियों के लिए मौसम विभाग ने बड़ी राहत की खबर दी है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून (IMD) द्वारा जारी नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में मॉनसूनी गतिविधियों में स्पष्ट कमी आई है।
राज्य में 19 सितंबर तक किसी भी प्रकार की भारी या अति भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rain) का रेड या ऑरेंज अलर्ट नहीं है। मॉनसून ट्रफ के खिसकने और पश्चिमी विक्षोभ की तीव्रता घटने से पहाड़ों पर धूप-छांव का खेल चलेगा और अधिकांश जिलों में मौसम सामान्य व शुष्क बना रहेगा।
पिथौरागढ़, चमोली और सीमांत जिलों में हल्की बारिश के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक, भले ही मूसलाधार बारिश का दौर थम गया हो, लेकिन ऊंचाई वाले पर्वतीय जनपदों में स्थानीय नमी के कारण हल्की से मध्यम बारिश (Light to Moderate Showers) की संभावना बनी रहेगी:
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पिथौरागढ़ व बागेश्वर: सीमांत जिले पिथौरागढ़ और बागेश्वर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ एक-दो दौर की हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। यहां भारी वर्षा की कोई चेतावनी नहीं है।
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चमोली व रुद्रप्रयाग: बदरीनाथ और केदारनाथ धाम से जुड़े ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और दोपहर बाद छिटपुट बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।
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उत्तरकाशी: गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर अधिकांश समय मौसम खुला रहेगा, हालांकि कुछ स्थानों पर बादलों की आवाजाही जारी रहेगी।
देहरादून, हरिद्वार और मैदानी जिलों में कैसा रहेगा मौसम?
राज्य की राजधानी देहरादून समेत हरिद्वार, उधम सिंह नगर और पौड़ी गढ़वाल के मैदानी इलाकों में मौसम का मिजाज काफी हद तक सुहाना बना रहेगा:
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देहरादून: दून घाटी में आसमान में आंशिक से लेकर मुख्य रूप से बादल छाए रहेंगे। दिन के समय तीखी धूप खिलने से उमस में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि शाम या रात के समय एक-दो स्पेल में हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है।
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तापमान की स्थिति: देहरादून में अधिकतम तापमान 31°C से 33°C के बीच और न्यूनतम तापमान 23°C से 24°C के आसपास बने रहने का अनुमान है।
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हरिद्वार और तराई क्षेत्र: मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना न के बराबर है, जिससे गंगा और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आ रही है।
चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थिति: यात्रियों और प्रशासन को राहत
भारी बारिश पर ब्रेक लगने से चारधाम यात्रा रूटों पर राहत महसूस की जा रही है:
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सड़कों की बहाली: ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) और ऋषिकेश-केदारनाथ मार्ग पर जहां पूर्व में भूस्खलन से यातायात बाधित हुआ था, वहां मलबा हटाने और सड़कों को सुचारू करने के काम में तेजी आई है।
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यात्रा सुचारू: मौसम साफ होने से केदारनाथ के लिए संचालित हेलीकॉप्टर सेवाओं को भी बिना किसी बड़ी रुकावट के संचालित करने में मदद मिल रही है।
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सावधानी की अपील: लोक निर्माण विभाग (PWD) और आपदा प्रबंधन तंत्र ने स्पष्ट किया है कि भले ही भारी बारिश का अलर्ट नहीं है, फिर भी पहाड़ी ढलानों पर पत्थरों के गिरने (Shooting Stones) का जोखिम रहता है, इसलिए संवेदनशील मोड़ों पर वाहन चालक सावधानी बरतें।
19 सितंबर के बाद बंगाल की खाड़ी से आने वाले नए वेदर सिस्टम की स्थिति के आधार पर राज्य में मॉनसून की विदाई और आगे की वर्षा का नया ट्रेंड तय होगा।