Vastu Tips for Flat Buying: फ्लैट खरीदने से पहले जरूर जांच लें ये 6 बातें, वरना बढ़ सकता है वास्तु दोष - Haribhoomi

Published on 23 जुल॰ 2026

घर खरीदना हर परिवार का बड़ा सपना होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार फ्लैट खरीदते समय दिशा, मुख्य द्वार, किचन और बेडरूम जैसी कुछ बातों का ध्यान रखना शुभ माना जाता है।

Vastu Tips for Flat Buying

Vastu Tips for Flat Buying

  • Published: 23 Jul 2026, 10:31 AM IST
  • Last Updated: 23 Jul 2026, 10:31 AM IST

आज के समय में फ्लैट खरीदना कई लोगों के लिए जीवन का सबसे बड़ा निवेश होता है। ऐसे में केवल लोकेशन, बजट और सुविधाओं पर ही नहीं, बल्कि वास्तु से जुड़ी बातों पर भी लोग ध्यान देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की दिशा और कमरों की स्थिति सकारात्मक वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

1. फ्लैट का आकार कैसा हो?
वास्तु के अनुसार वर्गाकार या आयताकार आकार वाला फ्लैट अधिक संतुलित माना जाता है। साथ ही उत्तर-पूर्व दिशा का हिस्सा अपेक्षाकृत खुला होना शुभ माना जाता है।

2. मुख्य द्वार की दिशा
फ्लैट का मुख्य प्रवेश द्वार उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में हो तो इसे शुभ माना जाता है। वहीं मुख्य द्वार के सामने बंद दीवार, संकरी गैलरी या सीढ़ियां होने से बचने की सलाह दी जाती है।

3. किचन की सही दिशा
रसोईघर के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा को उपयुक्त माना जाता है क्योंकि यह अग्नि तत्व से जुड़ी दिशा मानी जाती है। कुछ परिस्थितियों में उत्तर-पश्चिम दिशा भी रसोई के लिए स्वीकार्य मानी जाती है।

4. मास्टर बेडरूम कहां हो?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार मास्टर बेडरूम दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना बेहतर माना जाता है। इसे स्थिरता और पारिवारिक संतुलन से जोड़ा जाता है।

5. टॉयलेट की स्थिति
फ्लैट खरीदते समय यह भी देखना चाहिए कि टॉयलेट उत्तर-पूर्व दिशा में न हो। पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा को इसके लिए अधिक उपयुक्त माना जाता है।

6. बालकनी और खिड़कियों की दिशा
यदि फ्लैट की बड़ी खिड़कियां या बालकनी उत्तर या पूर्व दिशा की ओर खुलती हैं तो प्राकृतिक रोशनी और हवा का बेहतर प्रवाह मिलता है। वास्तु में भी इसे सकारात्मक माना जाता है।

फ्लैट चुनते समय रखें संतुलित दृष्टिकोण
विशेषज्ञों का मानना है कि घर खरीदते समय वास्तु के साथ-साथ सुरक्षा, वेंटिलेशन, निर्माण गुणवत्ता, कानूनी दस्तावेज और लोकेशन जैसे व्यावहारिक पहलुओं पर भी ध्यान देना जरूरी है। सही जानकारी के आधार पर लिया गया निर्णय लंबे समय तक परिवार के लिए लाभदायक साबित हो सकता है।