'काफिर हो गई तो क्या हुआ, मार दोगे'; फारिया अब्दुला के हिंदू उत्सव में जाने का VHP ने किया बचाव

Published on 16 अग॰ 2026

Aug 16, 2026 03:59 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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फरिया अब्दुल्ला ने कहा कि वह नफरत का जवाब नफरत से नहीं देंगी। वह प्रेम, एकता और शांति के लिए प्रार्थना करती रहेंगी। यही उनकी बगावत और क्रांति है। फरिया का परिवार भी अलग-अलग धार्मिक पृष्ठभूमि से जुड़ा रहा है।

Telugu actress Faria Abdullah viral video VHP Spokesperson Vinod Bansal says no online trolling

फरिया अब्दुल्ला को ट्रोल करने पर भड़के VHP के विनोद बंसल।

तेलुगु एक्ट्रेस फरिया अब्दुल्ला को हैदराबाद में बोनालु उत्सव में शामिल होने के बाद ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। 9 अगस्त को उन्होंने हैदराबाद के पुराने शहर स्थित श्री सिंहवाहिनी महाकाली मंदिर में आयोजित बोनालु समारोह में हिस्सा लिया था। इस दौरान वह सिर पर पारंपरिक बोनम लेकर शोभायात्रा में शामिल हुईं और कलाकारों के साथ नजर आईं। समारोह के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनकी धार्मिक आस्था को लेकर सवाल उठाए और उन्हें काफिर तक कहा।

विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस मामले पर कहा कि जो लोग देश की परंपराओं और वंदे मातरम् को स्वीकार नहीं करते, वे किसी मुस्लिम अभिनेत्री के हिंदू त्योहार में शामिल होने या मंदिर जाने को कैसे स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत बदल रहा है और कट्टर सोच के साथ लंबे समय तक काम नहीं किया जा सकता। उन्होंने लोगों से महिलाओं का सम्मान करने की भी अपील की। उन्होंने कहा, 'काफिर हो गई तो क्या हुआ, मार दोगे क्या? आखिर काफिर होने की सजा क्या है, उसके साथ भी वही करोगे क्या?'

विश्व हिंदू रक्षा परिषद भी बचाव में आया

इस बीच विश्व हिंदू रक्षा परिषद की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष यमुना पाठक ने फरिया अब्दुल्ला को निशाना बनाकर की गई ऑनलाइन ट्रोलिंग की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे दुर्भावनापूर्ण और धार्मिक आधार पर निशाना बनाने वाला व्यवहार बताया। पाठक ने कहा कि किसी महिला को केवल इसलिए निशाना बनाना या अपमानित करना स्वीकार्य नहीं है क्योंकि वह किसी दूसरे समुदाय की परंपरा में शामिल हुई है। उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि भारत धार्मिक नीति से नहीं, बल्कि संविधान से चलता है। संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21 और 25 नागरिकों को समानता, गरिमा और अंतरात्मा की स्वतंत्रता समेत कई अधिकार देते हैं। हर नागरिक को अपनी आस्था और धार्मिक स्वतंत्रता के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है।

ट्रोलिंग के बीच फरिया अब्दुल्ला का वीडियो

ट्रोलिंग के बीच फरिया अब्दुल्ला ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर अपनी बात रखी। वीडियो में वह कई बार भावुक होती नजर आईं। उन्होंने कहा कि उनके पिता हिंदू परिवार में पैदा हुए थे और बाद में इस्लाम धर्म अपनाया। फरिया ने कहा कि उनके पिता ने इस्लाम को पसंद करने के कारण उसे अपनाया और उन्हें बचपन से ही धर्म की अच्छी बातें सिखाई गईं। उन्होंने उन लोगों के लिए भी शुभकामनाएं दीं, जो उन्हें गलत मानते हैं या उनके धर्म को लेकर सवाल उठाते हैं। फरिया ने कहा कि वह पेड़ों, चट्टानों और तितलियों में भी जीवन देखती हैं और प्रकृति की खूबसूरती उन्हें ईश्वर की मौजूदगी का एहसास कराती है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को हर चीज और हर इंसान में ईश्वर या सुंदरता दिखाई नहीं देती, तो वह बहुत कुछ खो रहा है।

आखिर फरिया अब्दुल्ला कौन हैं?

फरिया अब्दुल्ला ने अपने संदेश में कहा कि वह नफरत का जवाब नफरत से नहीं देंगी। उन्होंने कहा कि वह प्रेम, एकता और शांति के लिए प्रार्थना करती रहेंगी और यही उनकी बगावत और क्रांति है। फरिया का परिवार भी अलग-अलग धार्मिक पृष्ठभूमि से जुड़ा रहा है। उनके पिता संजय अब्दुल्ला हिंदू परिवार में जन्मे थे और बाद में इस्लाम अपनाया, जबकि उनकी मां कौसर सुल्ताना मुस्लिम परिवार से हैं और बाद में हिंदू आध्यात्मिकता व ध्यान में उनकी गहरी रुचि विकसित हुई। बोनालु समारोह में शामिल होने के बाद शुरू हुए विवाद पर फरिया की प्रतिक्रिया अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।