वैभव सूर्यवंशी से कार्यवाहक कोच VVS लक्ष्मण को है इस बात की शिकायत, दे डाली जरूरी सलाह

Published on 27 जुल॰ 2026

Jul 27, 2026 09:03 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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जिम्बाब्वे सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने और प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब जीतने वाले वैभव सूर्यवंशी को लेकर भारत के कार्यवाहक कोच वीवीएस लक्ष्मण ने एक सुधार की गुंजाइश बताई है। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी से एक खास बात का आग्रह किया है।

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वैभव सूर्यवंशी से वीवीएस लक्ष्मण को क्या है शिकायत

भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज हुई। इस सीरीज में भारत के नियमित हेड कोच गौतम गंभीर और उनका सहयोगी स्टाफ विश्राम में था। ऐसे में भारत के कार्यवाहक कोच वीवीएस लक्ष्मण नियुक्त किए गए थे। उनकी कोचिंग में भारत ने जिमाब्वे को 3-0 से करारी शिकस्त दी। वैभव सूर्यवंशी ने 151 रन बनाकर प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब जीता। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी से लक्ष्मण बेहद प्रभावित दिखे। हालांकि, उन्होंने इस युवा खिलाड़ी को अपनी फिटनेस पर काम करने की सलाह भी दी। जिम्बाब्वे दौरे में सूर्यवंशी ने इंग्लैंड दौरे की निराशा को पीछे छोड़ दिया। पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत के लिए अर्धशतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनकर इतिहास रचा और तीसरे और अंतिम मैच में 81 रनों की तूफानी पारी खेलकर दौरे का शानदार समापन किया।

अपनी फिटनेस पर सुधार करें वैभव

जिम्बाब्वे सीरीज में सूर्यवंशी ने फील्डिंग में भी शानदार प्रदर्शन किया और कुछ बेहतरीन कैच पकड़े। हालांकि, लक्ष्मण चाहते हैं कि वह अपनी फिटनेस पर काम करें ताकि आगे चलकर वह एक आदर्श टीम खिलाड़ी के रूप में उभर सकें। अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में सूर्यवंशी एक कैच लेने के प्रयास में घायल हो गए थे, लेकिन उन्होंने मैदान पर बने रहने पर जोर दिया क्योंकि वह वहां रहना चाहते थे। लक्ष्मण ने तीसरा टी-20 मैच खत्म हो जाने के बाद वैभव सूर्यवंशी के बारे में बाद करते हुए पत्रकारों से कहा “हम चाहते हैं कि वह अपनी समग्र फिटनेस में सुधार करे। वह बहुत युवा है। वह खुद खेल के हर पहलू में बेहतर बनना चाहता है। आज भी जब वह चोटिल हुआ (डीप स्क्वायर लेग से दौड़ते हुए डाइव लगाकर कैच लेने की कोशिश में, तब भी वह मैदान पर बने रहना चाहता था।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे फिजियो ने ही उन्हें मैदान से बाहर जाने के लिए कहा था। टीम में हर संभव तरीके से योगदान देने की उनकी यही उत्सुकता और लगन है।”

उज्ज्वल है सूर्यवंशी का भविष्य

जिम्बाब्वे में सूर्यवंशी के प्रदर्शन की बदौलत ही भारत ने मेजबान टीम के खिलाफ तीनों टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में क्लीन स्वीप किया। अब इस युवा खिलाड़ी का अगला पड़ाव एशियाई खेल हैं, जहां क्वार्टर फाइनल से शुरू होने वाले सभी मैचों में उनके खेलने की संभावना है। लक्ष्मण ने आगे कहा कि सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जिस तरह से अपनी जगह बनाई है, उससे उन्हें बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं हुआ है और उनका कहना है कि इस युवा खिलाड़ी का भविष्य उज्ज्वल है। लक्ष्मण ने कहा “पिछले साल भी, जब उन्होंने पहली बार राजस्थान रॉयल्स के लिए खेला था, तब भी उन्होंने जिस तरह से दबाव को संभाला, वह सराहनीय था। मेरा मानना ​​है कि आईपीएल का हर मैच अंतरराष्ट्रीय मैच के बराबर होता है। 14 या 15 साल की उम्र में, जब आप आईपीएल में खेल रहे होते हैं, तो आप या तो इस अवसर से अभिभूत हो सकते हैं या दबाव को स्वीकार कर सकते हैं। मुझे लगता है कि उन्होंने दूसरा विकल्प चुना।”

सारे रिकॉर्ड तोड़ने की है क्षमता

कार्यवाहक कोच ने आगे कहा "इसलिए इस सीरीज के नतीजे देखकर मुझे हैरानी नहीं हुई। शतक न बना पाने से वो निराश थे, लेकिन हमने उनसे कहा कि ये उनका पहला या आखिरी मौका नहीं होगा। उनका करियर लंबा है और उनमें हर दिन बेहतर होने का जज़्बा और सोच है। मुझे पूरा यकीन है कि वो तरक्की करेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सारे रिकॉर्ड तोड़ेंगे। उनमें ये सारी क्षमता और काबिलियत है।”